महज़ 10 मिनट में लौटे पिता ने देखा उनके लाड़ले का सर कार की विंडो के बाहर झूल रहा था - हर पिता के लिये जरूरी सीख

महज़ 10 मिनट में लौटे पिता ने देखा उनके लाड़ले का सर कार की विंडो के बाहर झूल रहा था - हर पिता के लिये जरूरी सीखImage Source -Internet

राहुल और सोनिया मुश्किल से 10 मिनट बाद जब अपनी कार की ओर लौटे तो देखा कि उनके बेटे का सर कार की पॉवर विंडो से बाहर झूल रहा था ... तीन साल का मासूम अब इस दुनिया में नहीं था ... राहुल की एक छोटी सी गलती ने उनके बेटे की जान ले ली थी..... ध्यान से पढ़िये कहीं जाने अन्जाने में आप भी तो नहीं ये भूल कर बैठते हैं...
38 साल का राहुल और 32 साल की सोनिया अपनी जिंदगी में बहुत खुश थे । करीब तीन साल पहले जब उनके बेटे शुभम का जन्म हुआ तो सोनिया ने सोचा कि अब वो जॉब नहीं करेगी और अपना पूरा समय अपने बेटे की परिवरिश में लगायेगी। फिर राहुल की मर्जी से उसने ICICI बैंक की नौकरी छोड़ दी। अब सोनिया का पूरा समय शुभम की देख रेख में लगने लगा । वो दोनो एक पल के लिये भी शुभम से दूर नहीं जाते । शुभम भी तीन साल में काफी तंदुरुस्त और सुंदर दिखने लगा था ।
आज इतबार था और दोनो का अपने बेटे के साथ पिकनिक मनाने का प्रोग्राम बन गया और तीनो अपनी हॉडा सिटी में निकल पड़ें । रास्ते में मार्केट से कुछ सामान लेने के लिये गाड़ी रुकी और राहुल सामान लेने जाने लगा इतने में सोनिया को भी कुछ याद आया और वो भी उसके साथ होली । चुंकि बाहर बहुत तेज़ धूप थी तो उन्होने अपने बेटे को गाड़ी में ही छोड़ दिया गाड़ी स्टार्ट थी और उसका एसी चालू था,

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फिक्र की कोई बात नहीं थी क्योंकि मुश्किल से 10 मिनट में उन्होने वापस आ जाना था और वो दस मिनट से पहले ही वापस भी आ गये लेकिन जब लौटे तो उनके पैंरो तले की ज़मीन खिसक गयी। तीन साल के शुभम का सर गाड़ी की पॉवर विंडो के बाहर झूल रहा था । आखिर ये कैसे हुआ किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था । सोनिया का रो रो के बुरा हाल था। धीरे धीरे भीड़ जुटने लगी । किसी ने 100 नंबर पर फोन कर दिया तो पुलिस भी आ गयी । गाड़ी का दरवाज़ा खोला गया तो शुभम के मरने की जो पूरी वजह सामने आयी उस पर किसी को यकीन नहीं हुआ । कोई सोच भी नहीं सकता था कि कार में लग्जरी के रूप में लगने वाला पावर विंडो किसी मासूम की जान ले लेगा ।

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दरअसल अपने मम्मी पापा को जाते देख शुभम कार की विंडो की तरफ बढ़ा, विंडो पर पहुंचते ही बाहर झांकने के लिये उसने अपना एक पैर विंडो के ठीक नीचे सपोर्ट पर रख दिया और उसके पैर से वहां लगा बटन दब गया जिससे विंडो का शीशा नीचे खिसक गया और शुभम विंडो के बाहर झांकने लगा ठीक उसी समय शुभम के पैर से ही बटन का दूसरा हिस्सा दब गया जिससे शीशा पूरी पॉवर के साथ ऊपर चढ़ने लगा ... शुभम का सर विंडो के बाहर था ... शीशा प्रेशर के साथ उपर बढ़ रहा था और ठीक शुभम की गर्दन तक पहुंच गया ... मासूम शुभम को नहीं पता था कि उसके पैर से दब रहे बटन से शीशा पूरे प्रेशर से ऊपर जायेगा ... और वही हुआ प्रेशर के साथ ऊपर बढ़ते शीशे ने शुभम का गला घोंट दिया और कुछ ही क्षण में मासूम शुभम की गर्दन विंड़ो के बाहर झूल गयी।

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