46 साल तक कोख में रहा और जब जन्म हुआ तो पत्थर में तब्दील हो चुका था बच्चा! मेडिकल साइंस में बहुत कम होती है Ectopic Pregnancy और Lithopedion Baby

26 साल की ज़ाहरा बहुत खुश थी कि वो पहली बार मां बनने जा रही थी, सभी की तरह उसके भी अपने बच्चे को लेकर हज़ार सपने थे और इन्ही सपनों के साथ वो सही समय पर अस्पताल में भर्ती हो गयी लेकिन 48 घंटों के लेबर पेन (प्रसब पीड़ा) के बाद भी जब डिलीवरी नहीं हुई तो डाक्टर ने उसे ऑपरेशन के ज़रिये डिलीवरी का सुझाव दिया। पहले तो ज़ाहरा तैयार थी लेकिन जब उसने देखा कि उसी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत हो गयी थी तो वो डर गयी और बिना डिलीवरी के ही अपने गांव लौट गयी और दाई की मदद से बच्चे को जन्म देने की तैयारी करने लगी। गांव पहुंचने के कुछ दिन तक लेबर पेन (प्रसब पीड़ा) हुआ और फिर धीरे धीरे खत्म हो गया ज़ाहरा को लगा कि शायद पेट में ही उसके बच्चे की मौत हो गयी है, कुछ दिन उसे दुख रहा फिर ज़िंदगी पुराने ढर्रे पर आ गयी।

Pic Credit - Animal-Daily

लेकिन करीब 46 साल बाद उसी तरह का लेबर पेन फिर शुरु हुआ अब ज़ाहरा 72 साल की हो गयी थी उसको लगा कि पेट में कोई ट्यूमर है जिसके इलाज़ के लिये ज़ाहरा जब अस्पताल में गयी तो MRI रिपोर्ट में सामने आया कि उसके पेट में बच्चा है जिसका गर्भधारण उसने अपनी जवानी के दिनो में किया था।


Pic credit - Animal-daily

दरअसल पिछले 46 सालों में ज़ाहरा का fetus (भ्रूण) calcified हो कर Lithopedion यानि Stone Baby ( पत्थर के बच्चे ) में तब्दील हो चुका था। Ectopic Pregnancy के केस में जब fetus (भ्रूण) ज़्यादा बड़ा हो जाता है और महिला के शरीर में दुबारा Absorb नहीं हो पाता तो ये शरीर के Immune System के लिये एक foreign body की तरह काम करता है


pic credit - Internet

ये पहला मामला नहीं है - एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस तरह के मामले काफी कम होते हैं लेकिन ये पहला केस हो ऐसा भी नहीं है । दरअसल Ectopic Pregnancy के केस में भ्रूण का निर्माण यूटेरस में न होकर इसके बाहर एबडोमन में होता है जिससे भ्रूण में खून की सप्लाई बंद हो जाती है और मरा हुआ भ्रूण न ही शरीर से बाहर निकल पाता है और न ही शरीर इसको दुबारा Absorb ही कर पाता है। और इस तरह ये मरा हुआ भ्रूण शरीर के Immune System के लिये एक foreign body की तरह काम करता है और शरीर इसे पत्थर में तब्दील कर देता है।


Story Inputs - Animal-Daily, Internet

Share it
Top