UP के एक ज़िला अस्पताल की बेरहमी, गर्भवती महिला को धक्के देकर बाहर निकाला, अस्पताल के गेट पर हुई डिलीवरी

UP के एक ज़िला अस्पताल की बेरहमी, गर्भवती महिला को धक्के देकर बाहर निकाला, अस्पताल के गेट पर हुई डिलीवरीप्रतीकात्मक चित्र

ये तो सब जानते हैं कि सरकारी विभागों का हाल क्या है या वहां पसरे भ्रष्टाचार का हाल क्या है, इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों की मुस्तैदी से भी कई बार आप वाकिफ हुए होंगे। लेकिन अगर मामला सरकारी अस्पताल का है तो भ्रष्टाचार और हीला हवाली के इतर कुछ हद तक इंसानियत की अपेक्षा कर लेते हैं... आम तौर पर कभी किसी गर्भवती महिला को खड़ा देख लें तो लोग खुद खड़े हो जाते हैं और उसके बैठने के लिये जगह बना देते हैं। लेकिन ये सब बाते बेमानी हो गयी जब एक महिला डाक्टर ने .. जी हां डाक्टर जिन्हे हम भगवान का दर्जा देते हैं उसी 'भगवान' ने प्रसब पीणा में तड़प रही एक महिला को ठीक उसके प्रसब से पहले धक्के मार कर अस्पताल से बाहर निकलवा दिया, उसके परिजन फटाफट उसे रिक्शे में बिठा कर दूसरे अस्पताल ले जाने लगे तो गेट पर पहुंचते पहुंचते ही रिक्शे में ही उसकी डिलीवरी हो गयी।

प्रतीकात्मक तस्वीर


खबर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की है जहां जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने डिलिवरी के लिए आई महिला को बाहर का रास्ता दिखा दिया। जब तक परिजन उसे दूसरे हॉस्पिटल ले जाते महिला ने ई रिक्शा में बच्चे को जन्म दे दिया।

खबरों के मुताबिक सहारनपुर जिला अस्पताल में 14 अगस्त की रात मंडी थाना क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद रईस ने अपनी पत्नी मुनव्वर को प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती किया। मुनव्वर का प्रसव समय पूरा हो चुका था इसलिए परिजनों ने कहा कि डिलेवरी के पहले उसे कोई सीनियर डॉक्टर चेक कर लें। इस बात पर मौके पर मौजूद कुछ कर्मचारियों ने किसी डॉक्टर को बुलाने की वजाय महिला को धक्के देकर अस्पताल से बाहर निकाल दिया।



महिला के साथ इस दौरान आशा कार्यकर्ता भी थी। महिला की प्रसव पीड़ा देखते हुए उन्होंने तुरंत ही उसे दूसरे हॉस्पिटल में भर्ती कराने की बात सोची। उन्होंने महिला को ई रिक्शा में बिठाया और दूसरे हॉस्पिटल ले जाने लगे। महिला ने रास्ते में ही एक बच्चे को जन्म दिया। फिलहाल बच्चा और मां दोनों ही प्राइवेट डॉक्टर के यहां हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर


डॉक्टर ने मां और बेटे की हालत खतरे से बाहर बताई है। वहीं मोहम्मद रईस ने ताना जनकपुरी में मामले की जानकारी देते हुए हॉस्पिटल के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Share it
Top